जैन मुनि और राष्ट्र संत तरुण सागर जी महाराज (51) नहीं रहे। उनका समाधिमरण शनिवार सुबह 3:18 बजे दिल्ली में हुआ। वे कुछ समय से बीमार थे। उनकी अंतिम संस्कार विधि आज दोपहर तीन बजे दिल्ली से 28 किमी दूर तरुणसागरम में होगी।
कड़वे प्रवचन से जगा देते थे तरुण सागर जी, कहते थे- बच्चों को इतना लायक मत बनाना कि मां-बाप को ही नालायक समझने लगे
Reviewed by Guest
on
September 01, 2018
Rating: 5
No comments